देशभक्ति ही सबसे बड़ा ईमान “पहले हम हिंदुस्तानी” रमजान माह मुबारक: मोहम्मद आसीफ लंघा
“रमजान का महीना इबादत,”भक्ति” सब्र,”धैर्य” और आत्म-अनुशासन की सीख देता है, श्री इरशाद खान”
“माहे रमजान की समस्त देशवासियों को ढेर सारी शुभकामनाओ के साथ हार्दिक बधाईयां, पीसीडब्ल्यूजे अध्यक्ष श्री लंघा आमला”
“माहे रमजान पवित्र महीना है, जो समाज में सुख, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देता है, प्रेस क्लब ऑफ वार्किंग जर्नलिस्ट, श्री लंघा”
“रोजेदार इबादत “भक्ति” के जरिए अल्लाह के करीब महसूस करते हैं, और गुनाहों से माफी मांगते हैं, श्री खान”
“माहे रमजान के पाक महीने के शुभ अवसर पर समाज में अमन, शांति, भाईचारा और खुशहाली बनी रहे, यही अल्लाह से दुआ करता हूं, चुकी माहे रमजान बरकतों और रहमतों का महीना सब्र, नेकी और एकता का संदेश देता है। जिसे हम सब मिलकर प्रेम और सौहार्द के साथ जरूरतमंदों की मदद करें और देश एवं समाज की तरक्की में अपना योगदान दें, पीसीडब्ल्यूजे”
“आमला : जाकीर कि रिपोर्ट” माहे रमजान के पाक महीने के शुभ अवसर पर समाज में अमन, शांति के साथ ही इंसानियत और देशभक्ति का संदेश देते हुए प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट आमला अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा ने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं, उससे वफादारी करना हर नागरिक का कर्त्तव्य और सबसे बड़ा ईमान है। श्री लंघा ने आगे कहा कि सबसे पहले हमारी पहचान हिंदुस्तानी होने की है, उसके बाद ही कोई धार्मिक पहचान आती है।
श्री लंघा ने कहा कि भारत की आन, बान और शान पर जब भी आंच आए, हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश की रक्षा के लिए यदि प्राणों का बलिदान भी देना पड़े तो उससे पीछे नहीं हटना चाहिए। इतिहास हमेशा साहस, सच्चाई और बलिदान करने वालों को याद रखता है। मोहम्मद आसीफ लंघा ने कहा कि इस्लाम सहित सभी धर्म देशप्रेम, शांति और इंसानियत का संदेश देते हैं। कोई भी धर्म नफरत, हिंसा या देश से गद्दारी की शिक्षा नहीं देता। धर्म के नाम पर आतंक या लोगों को परेशान करने वाले न तो सच्चे धर्म के अनुयायी हैं और न ही सच्चे देशभक्त। इस दौरान इरशाद खान ने कहा कि हमारे “पैगंबर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम” ने किसी को नुकसान पहुंचाने से भी मना किया है। भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंद की मदद करना, देश के लिए त्याग करना और अल्लाह की इबादत करना ही सच्चा जिहाद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिंसा को जिहाद बताकर समाज को गुमराह करते हैं, जबकि यह कायरता है। वही मोहम्मद आसीफ लंघा ने सभी देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा।” उन्होंने लोगों से अपील की है, कि रमजान के इस पवित्र महीने में आपसी भाईचारे को मजबूत करें, देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें।

राष्ट्रीय पेपर संपादक सुनील कुमार तिवारी और जो मेरे चैनल से संपादक बनकर रहना और दैनिक बैतूल से वह संपर्क करें मेरे नंबर पर_9336477592


