
- “जिसे अब तक न समझे वह कहानी हु मैं, मुझे बर्बाद मत करो पानी हू मैं,
जाकीर कि रिपोर्ट”
“नल जल योजना को चार वर्ष बीत चुके, कागजों पर पहुंच रहा पानी जीरूढाना, ग्राम पंचायत पिपरिया”
“भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन के तहत 2019 में शुरू की गई एक योजना का उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर को प्रति व्यक्ति प्रति दिन नियमित रूप से दीर्घकालिक आधार पर 55 लीटर नल का पानी उपलब्ध कराना था, शायद कई ग्रामों में कागजों के माध्यम से, सूत्र”
एक मिशन मोड प्रोजेक्ट है जो तब तक चलेगा जब तक कि देश के सभी ग्रामीण घरों में नल से पानी पहुंच नहीं जाता, सूत्रों के मुताबिक हालिया अपडेट और केंद्रीय मंत्री द्वारा फरवरी 2026 में दिए गए बयान से पता चलता है।
“बड़ा ही चिंतनीय विषय खुले तौर पर देखा जा सकता, शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना की दुर्गति भीमपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत पिपरिया में वही शासन के लाखों खर्च होने के बाद भी ग्रामीण एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहे, ग्रामीणों के अनुसार कागजों में पूर्ण रूप से जल “नल” के माध्यम से दिया जा रहा, प्रशासन मौन”
“करोड़ों रुपये नल जल योजना के अंतर्गत खर्च हो गए. फिर भी ग्रामीणों तक नल से जल नहीं पहुंच पा रहा, आधे-अधूरे काम का ताजा मामला ग्राम पंचायत पिपरिया के जीरुढाना से आया, ग्रामीणों में भारी आक्रोश प्रशासन के प्रति”
नल जल योजना “जल जीवन मिशन” एक सतत चलने वाला मिशन है, जिसका लक्ष्य 2024 तक हर ग्रामीण घर तक पाइप से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, किंतु अब इसका उद्देश्य सार्व भौमिक कवरेज हासिल करना है, और इसे जारी भी रखा जाएगा, चूकि हालिया आंकड़ों के अनुसार “अक्टूबर 2025 तक 81% कवरेज” और फरवरी 2026 तक की रिपोर्टें दर्शाती हैं। चुकी यह योजना 2019 में शुरू हुई थी और इसका लक्ष्य सभी ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, और काम अभी भी जारी है, या आधा अधूरा छोड़ दिया गया”
“भीमपुर:” जल ही जीवन है, पानी एक और लाभ अनेक, जल का हम समझें मोल, “जी रु ढा ना” के ग्रामीणों को पूछो, “पानी है” अनमोल, चुकी जिला प्रशासन की नाकामी के चलते नल जल योजना मिशन की ठेकेदार द्वारा सरेराह धज्जियां उड़ती दिखने लगी। जिस कारण भीमपुर विकास खंड क्षेत्र में जल योजना मुंह चिढ़ा रही, जिस का परिणाम कार्यालय ग्राम पंचायत पिपरिया गुरुवा में पंचनामा समस्त ग्रामीणों की उपस्थिति में लिखा गया, दिनांक 26.1.2026 को ग्राम “जी रु ढा ना” के ग्राम वासियों द्वारा बैठक कर पंचनामा लिखा गया। जिसमें पानी की समस्या को देखते हुए ग्राम “जी रु ढा ना” में नल जल योजना का बिगुल वर्ष 2023, 24 में स्वीकृत हुआ था, या फूंका गया था। जो कि आज दिनांक 26/01/2026 तक 4 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी योजना किस चिड़िया का नाम है पता नहीं चल सका। चुकी “जल” न तो “नल” के कार्य पूर्ण हुआ है, न ग्राम वासियों को पानी मिल रहा। जिस कारण भारी आक्रोश के साथ ग्राम में पानी की समस्याओं को देखते हुए ग्राम वासियों द्वारा निर्णय लिया गया है कि नल जल योजना के कार्यों को पूर्ण किया जाए और ग्राम वासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाये जाने पर जोर दिया गया। जिसमें पिपरिया पंचायत भीमपुर का “जी रु ढा ना” टेकडी ढाना, बजरंग ढाना, लंबा ढाना, रेंजा ढाना, खडकाढाना, गौलीढाना, सकडू ढाना के समस्त ग्रामीणों ने सर्व सहमति से हस्ताक्षर कर नल जल योजना की पोल खोल दी। चुके नल-जल योजना के दावे सिर्फ कागजी साबित हो रहे, जरूरत मंदों के पास योजना अभी-भी नहीं पहुंच पा रही, ताजा मामला पिपरिया पंचायत भीमपुर के “जी रु ढा ना” का है, जबकि चार वर्ष बीत चुके ग्राम पंचायत की आबादी के घरों को नल जल योजना के तहत पानी तों छोड़ों निर्माण कार्य तक पूर्ण नहीं किया गया।

केशरसिह पालवी
दैनिक बैतूल न्युज
संपादक. 9424615699
Rni.no.2024/73678/2023


