*ब्लैक फंगस का सफल इलाज बिना आंखों की रोशनी खोये*
बुरहानपुर (इक़बाल अंसारी) आल इज़ वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर में भावसा निवासी एक 65 वर्षीय मरीज़ को ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) जैसी जानलेवा बीमारी से सफलतापूर्वक निजात दिलाकर डॉक्टरों ने एक बड़ी चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल की है। कोरोना संक्रमण के दौरान मरीज़ ब्लैक फंगस से संक्रमित हो गए थे, जिसके कारण उनके ऊपरी जबड़े की हड्डी, गाल की हड्डी, तालू तथा आंख के नीचे की हड्डी बुरी तरह सड़ चुकी थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनकी दृष्टि और जीवन दोनों पर खतरा मंडरा रहा था।
मरीज की जांच के दौरान डॉक्टरों को म्यूकोर्मिकोसिस की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्काल जटिल सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के वरिष्ठ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉक्टर ओवेस वजाहत सिद्दीकी Dr. Owais Wajahat Siddiqui (एमडीएस – ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) एवं टीम के नेतृत्व में मरीज का पूरा संक्रमित जबड़ा, गाल की हड्डी, तालू की हड्डी तथा आंख के नीचे का प्रभावित हिस्सा शल्यक्रिया द्वारा निकालना पड़ा।
डॉ. ओवेस सिद्दीकी के अनुसार, सर्जरी के बाद मरीज को विशेष एंटी-फंगल दवाएं दी गईं, ताकि संक्रमण पूरी तरह समाप्त हो सके। कई महीनों तक चले इलाज और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी के बाद हाल ही में मरीज का सफल क्लोजर ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
इस पूरे इलाज की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि मरीज के चेहरे में किसी प्रकार की विकृति नहीं आने दी गई और उनकी आंख की दृष्टि, मूवमेंट तथा चेहरे की कार्यक्षमता पूरी तरह सुरक्षित रखी गई। डॉक्टरों ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसी प्रकार का फंक्शनल लॉस न हो और मरीज सामान्य जीवन जी सके।
इस जटिल और संवेदनशील सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर ऑल इज वेल हॉस्पिटल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बुरहानपुर जैसे जिले में भी अब बड़े शहरों जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और हाई-रिस्क मामलों के लिए विशेष मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जिसके कारण इस तरह का जटिल केस सफल हो सका। डॉ. ओवेस सिद्दीकी एवं टीम की इस सफलता पर संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कबीर चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती देवांशी चौकसे एवं ऑल इज वेल के स्टाफ ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है।
मरीज़ ने बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि,
“अगर समय पर मेरा इलाज नहीं होता तो मेरी आंख और मेरी जिंदगी दोनों खत्म हो जाती। आज मैं जो भी ठीक हूं, यह डॉक्टरों और ऑल इज वेल हॉस्पिटल की पूरी टीम की मेहनत और विश्वास की वजह से है।”
यह केस चिकित्सा जगत में ब्लैक फंगस जैसे खतरनाक संक्रमण के सफल उपचार का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है, जो यह साबित करता है कि सही समय पर सही इलाज से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

केशरसिह पालवी
दैनिक बैतूल न्युज
संपादक. 9424615699
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