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*प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए समय प्रबंधन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक: पत्रकार डॉ. मेहताब आलम(भोपाल)*

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*प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए समय प्रबंधन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक: पत्रकार डॉ. मेहताब आलम(भोपाल)*

*उच्च पदों के लिए देश के नौनिहालों को तैयार करना राष्ट्र की ज़िम्मेदारी: डॉ. अब्दुल करीम सालार*

*अलफैज़ फाउंडेशन के तत्वावधान में जलगांव में मिशन यूपीएससी के गरिमामय समारोह का आयोजन*

जलगांव (इकबाल अंसारी)। जलगांव की प्रसिद्ध शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था अलफैज़ फाउंडेशन द्वारा सात वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया ‘मिशन यूपीएससी’ अभियान अब फ़लदायी होता दिखाई दे रहा है। शुरुआती वर्षों में इस पहल से केवल जलगांव के शैक्षणिक संस्थान जुड़े थे, लेकिन अब यह आंदोलन महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में प्रभावी रूप से फैल चुका है।

स्कूल स्तर से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि यह अभियान मुस्लिम समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बनता जा रहा है। मिशन यूपीएससी के अंतर्गत विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और विद्यालयों को सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल के सुप्रसिद्ध पत्रकार, शायर,शोधकर्ता एवं साहित्यकार डॉ. मेहताब आलम ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अब्दुल करीम सालार द्वारा अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ किया गया मिशन यूपीएससी समय की मांग है। उन्होंने कहा कि जब आप उन पदों पर पहुंचेंगे जहां नीतियां बनती हैं, तब आपकी बात प्रभावी ढंग से सुनी जाएगी।

उन्होंने सर सैयद अहमद खान का उल्लेख करते हुए कहा कि सर सैयद ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना इसलिए की थी ताकि समुदाय के बच्चे नीति-निर्माण का हिस्सा बन सकें। डॉ. मेहताब आलम ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन के साथ अध्ययन करने की सलाह दी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ इमोशनल इंटेलिजेंस का समुचित उपयोग कर लक्ष्य प्राप्त करने पर बल दिया।

उन्होंने प्रेरणास्रोत के रूप में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया। साथ ही नैनो सैटेलाइट के निर्माण में योगदान देने वाले रिफ़अत शाहरुख तथा सैनिकों को बारूदी सुरंगों से बचाने हेतु रोबोट विकसित करने वाले युवा वैज्ञानिक हर्षवर्धन झाला का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और वैज्ञानिक नवाचारों में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जलगांव महाराष्ट्र के प्रख्यात शिक्षाविद, समाज सुधारक तथा इक़रा एजुकेशन सोसायटी एवं अलफैज़ फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अब्दुल करीम सालार ने की। उन्होंने मिशन यूपीएससी की आवश्यकता और उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रतिस्पर्धा का युग है और प्रतियोगी परीक्षाओं में भागीदारी के बिना लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि सामान्यतः विद्यार्थी स्नातक स्तर पर यूपीएससी की ओर रुख करते हैं, किंतु इस पहल को स्कूल स्तर से प्रारंभ करने का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी प्रारंभिक अवस्था से ही अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसी दिशा में शिक्षा ग्रहण करें। मिशन यूपीएससी के अंतर्गत आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा सराहनीय है।

डॉ. करीम सालार ने कहा कि बच्चों की आंखों में दिखाई देने वाली चमक इस बात का संकेत है कि उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। यह विद्यार्थी उच्च परीक्षाएं उत्तीर्ण कर राष्ट्र सेवा का गौरवपूर्ण दायित्व निभाएंगे।

मिशन यूपीएससी समारोह को अलहिरा एजुकेशन सोसायटी, भुसावल के अध्यक्ष अलहाज अंसार खान सहित अन्य शिक्षाविदों ने भी संबोधित किया और विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम की प्रेरणा दी।

वार्षिक कार्यक्रम में मिशन के अंतर्गत आयोजित परीक्षाओं में विभिन्न जिलों से सफल हुए विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। स्थानीय से राज्य स्तर तक के सफल विद्यार्थियों को बहुमूल्य पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। परीक्षा आयोजन में विशेष सहयोग देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन इफ्तिखार गुलाम रसूल ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि डॉ. हारून बसीर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।

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